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शत प्रतिशत टीकाकरण:ढाई लाख को पहला डोज लगना बाकी, अब तक 13.76 लाख को लगा
उज्जैन जिले में शत प्रतिशत वैक्सीनेशन होने में ढाई लाख लोगों को और वैक्सीन लगना बाकी है। जिले में अब तक 13.76 लाख लोग वैक्सीनेटेड हो चुके हैं। इन्हें पहला डोज लग गया है। जिले के 5 लाख 94 हजार लोग ऐसे हैं जो दोनों डोज लगवा चुके हैं। टारगेट पूरा करने के लिए प्रशासन ने मंदिरों, बस स्टैंड और शॉपिंग मॉल में भी वैक्सीनेशन के इंतजाम किए हैं। लेकिन इन जगहों पर बाहर से आने वाले यात्री व श्रद्धालु भी रहते हैं, ऐसे में यह चिन्हित करना चुनौती है कि जिन्हें इन जगहों पर वैक्सीन लग रहा है, वे जिले के ही हैं।
जिले में 21 सितम्बर की स्थिति में कुल 13 लाख 76 हजार 807 व्यक्तियों को टीके का पहला व 5 लाख 94 हजार 684 लोगों को दोनों डोज लग चुके हैं। जिले का लक्ष्य 16 लाख 21 हजार 401 व्यक्तियों के टीकाकरण का है। जिले में कुल 16 लाख 21 हजार 401 व्यक्तियों को फर्स्ट एवं सेकंड दोनों डोज लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. केसी परमार ने बताया कि जिले में 45 से अधिक उम्र के व्यक्तियों में टीकाकरण के लिये उत्साह ज्यादा है। इस आयुवर्ग के 4 लाख 90 हजार 644 व्यक्तियों ने कोरोना टीके का फर्स्ट डोज ले लिया है। इसी तरह 18 वर्ष से 44 वर्ष की आयुवर्ग के कुल 8 लाख 44 हजार 217 लोगों ने फर्स्ट डोज का टीका लगवा लिया है।
अभी दो मरीज उपचाररत –
उज्जैन में अभी दो मरीज कोविड पॉजिटिव हैं। इनमें से एक मरीज का उपचार इंदौर में चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक महिला कारोबारी की कोविड पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद उनका उपचार घर पर ही किया जा रहा था, लेकिन उनका ऑक्सीजन सेचुरेशन कम होने के कारण उन्हें अस्पताल में रैफर करना पड़ा। परिजन उन्हें इंदौर के मेदांता हॉस्पिटल ले गए थे।
बुधवार को 1507 की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव –
शहर में वायरल, डेंगू व मलेरिया बुखार की अधिकता के चलते स्वास्थ्य महकमे ने कोविड टेस्ट की संख्या भी बढ़ा दी है। सभी तरह के बुखार के सामान्य तौर पर एक जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। इसके चलते मरीजों को कोरोना न हो इसलिए विभाग ने कोविड टेस्ट की संख्या भी बढ़ा दी है। बुधवार को 1507 लोगों के कोविड का टेस्ट हुआ, लेकिन एक काे भी कोरोना नहीं निकला।